Ayodhya Ram Temple Donation

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT रिपोर्ट में बड़े खुलासे, CCTV में कैद हुई कथित चोरी

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Ayodhya Ram Temple Donation

अयोध्या: राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले में जांच तेज हो गई है। इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को करीब पांच घंटे तक चली हाईलेवल बैठक में मामले की जांच, ट्रस्ट की आगे की रणनीति और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के दान की गिनती प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है।

CCTV फुटेज में कथित हेराफेरी के संकेत

SIT की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच दानपात्रों की गिनती के दौरान कथित तौर पर कई बार हेराफेरी हुई। जांच एजेंसी का दावा है कि CCTV फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां और नकदी अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाकर बाहर ले जाते दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी करीब 70 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

6 लोग जांच के दायरे में

प्रारंभिक जांच में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामशंकर मिश्र के नाम सामने आए हैं। SIT के अनुसार, औपचारिक जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि 4 जून 2026 को गिनती कक्ष से 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त नकदी भी जब्त की गई।

जांच में संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों में घोषित आय की तुलना में अधिक वित्तीय लेनदेन और नकद जमा होने की भी बात सामने आई है। इन पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

SIT की रिपोर्ट के अनुसार, गिनती कक्ष में प्रवेश और निकास के समय कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी। साथ ही, कई दानपात्रों की राशि एक साथ गिनी जाती थी, जिससे प्रत्येक दानपात्र का अलग-अलग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सका। सोने-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सत्यापन में भी कथित लापरवाही की बात कही गई है।

ट्रस्ट की बैठक के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, CCTV निगरानी बढ़ाने और नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करने पर सहमति बनी है। पुलिस मामले में बैंक खातों और संपत्तियों की जांच आगे बढ़ा रही है।